उदय सिंह
पिकासो की सैकड़ों पेंटिंग में न जाने क्यों "द ओल्ड गिटारिस्ट" ही मुझे सर्वाधिक आकर्षक लगती है। इसमें एक बुजुर्ग संगीतकार को दिखाया गया है, जो बार्सिलोना, स्पेन की गलियों में अपने गिटार पर टिका हुआ है। एक भिखारी है। कुछ और चित्रकार हैं जो मुझे बेहद पसंद हैं, इसमें शीर्ष पर विन्सेंट वॉन गॉग नाम है। वह विलक्षण कलाकार थे। उनकी चित्रकला
जिजीविषा और वेदना का प्रतिनिधित्व करती है। ज़िंदगी की जद्दोजहद बताने में वॉन गॉग सबसे निराले थे। लियोनार्डो दा विंसी, क्लॉड मोनेट, माइकल एंजेलो, जोहान्स वर्मीर, मोनेट और फ्रीडा कैहलो के चित्र में भी मानसोत्पन्न वस्तुस्थिति व सम्पूर्णता झलकती हैं। कला का सबसे मौलिक महत्व सजावट के रूप में नहीं बल्कि बौद्धिक संचार के एक मार्ग के रूप में है। दृश्य द्वारा प्रदान किया गया आनंद संततवाही होता है। अपने आप में अद्भुत और स्वीकार्य प्रेरणा है।
पिकासो की द ओल्ड गिटारिस्ट पेंटिंग को आज भी शिकागो के आर्ट इंस्टीट्यूट में प्रतिदिन हजारों लोग देखते हैं। इसकी कीमत करोड़ों डॉलर है। कुछ लोगों का मानना है कि यह पेंटिंग कभी नहीं बिकेगा, क्योंकि यह अनमोल है। कहा जाता है कि पिकासो ने करीब 12,000 चित्र बनाये थे। उन्होंने विश्व युद्ध की उथल-पुथल, क्लेशातुर चीखती चिल्लाती महिलाएं और भयावह मंज़र को अपनी कलाकृतियों के जरिये उन्मदिष्णु नाजीवाद-फासिज़्म को दिखाया है। इसके लिए कई बार उन्हें अराजकतावादियों के विरोध का भी सामना भी करना पड़ा। कला जो कभी रूढ़िवादी समय में बौद्धिक रूप से चुनौतीपूर्ण हुआ थी, अब मुख्यधारा की संस्कृति का हिस्सा है। 8 अप्रैल 1973 को यह महान चित्रकार दुनिया से विदा हो गया।
Source:-
World art(the essential illustrated history)
Magazine:- the great artists
http://www.atelier-rc.com


Bahut shandar...
ReplyDeleteGud, uday ji, ye josh ab banaye rakhiye
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