Thursday, 23 February 2023

यूक्रेन रूस युद्ध के एक साल

  उदय सिंह

रूस-यूक्रेन युद्ध को एक साल पूरे हो गए। आज ही के दिन 24 फरवरी 2022 को रूस ने दक्षिण-पश्चिम में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया। एक साल में यूक्रेन की राजधानी कीव समेत लगभग सभी शहर बर्बाद हो चुके हैं। हजारों की संख्या में दोनों देशों के सैनिक मारे गए हैं। तीन दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे, और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कहा कि अमेरिका जब तक जरूरत होगी तब तक यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा। गौर से देखा जाए तो बाइडेन के दौरे से युद्ध के और भड़कने की आशंका पैदा हो गई है। पहले तो केवल अंदाजा ही लगाया जा रहा था कि नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) युद्ध में कूदेगा, लेकिन अब यकीन के साथ कह सकते हैं कि यूक्रेन को नाटो का भरपूर सहयोग मिल रहा है। अन्यथा वह रूस के सामने एक महीने भी नहीं टिकता। अब दुनिया के सामने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बेबाकी से कह रहे हैं कि अमेरिका के नेतृत्व वाला नाटो रूस को बर्बाद करने करने पर तुला है। अमेरिका रूस के खिलाफ वैश्विक युद्ध छेड़ना चाहता है। लेकिन रूस को हराना असंभव है।

नाटो का खुल्लमखुल्ला विस्तार:

पोलैंड से ट्रेन के जरिये कीव राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि एक वर्ष पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने जब यूक्रेन पर हमला करवाया था तब उन्होंने सोचा था कि यूक्रेन कमजोर है और पश्चिमी देश बंटे हुए हैं। लेकिन वह गलत साबित हुए। उन्होंने वादा किया कि शीघ्र ही 50 करोड़ डालर मूल्य के हथियार और गोला-बारूद यूक्रेन भेजे जाएंगे। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की बहादुरी की खूब प्रशंसा की है। उधर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन में कार्रवाई जारी रहेगी। क्योंकि अमेरिका रूस की अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है और नाटो का विस्तार कर रहा है। यूक्रेन के बाद अब फिनलैंड और स्वीडन को भी नाटो में शामिल करने की अमेरिका की योजना है। वह रूस को बर्बाद करने की षडयंत्र रचकर विश्व को युद्ध की आग में धकेलना चाहता है।

रूस न्यू स्टार्ट एटामिक ट्रीटी से अलग हुआ:

  शीतयुद्ध समाप्ति के बाद अब दुनिया के सामने दो महाशक्तियों के टकराने की आशंका बलवती होती जा रही है। क्योंकि रूस न्यू स्टार्ट एटामिक ट्रीटी से अलग हो गया है। यह संधि 2011 में हुई थी, जिसके अंतर्गत 700 रणनीतिक लांचरों 1550 परमाणु हथियार रूस और अमेरिका की ओर से तैनात किए जा सकते थे। लेकिन संधि फरवरी 2021 में ही समाप्त हो रही है। यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए पुतिन ने न्यू स्टार्ट ट्रीटी को खत्म करने का एलान कर दिया है। इसके तहत परमाणु हथियारों को लेकर दोनों में पारदर्शिता बनाए रखनी थी। परमाणु संख्या सीमित रखनी थी। लेकिन यूक्रेन युद्ध से पैदा तनाव के बीच पुतिन ने समझौता तोड़कर आशंकाएं बढ़ा दी हैं। यह रूस और अमेरिका के बीच अंतिम बड़ा समझौता है जिसे तोड़ दिया गया है। पुतिन ने अत्याधुनिक सरमट मल्टी-वारहेड इंटरकांटिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल तैनाती की घोषणा की है। यह विध्वंसक मिसाइल हाइपरसोनिक मिसाइल है जो एक साथ 10 से 15 परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रहखती है। अमेरिका सहित कोई अन्य देश इस मामले में रूस के बराबर नहीं खड़ा है। स्टार्ट ट्रीटी से अलग होने के बाद विध्वंसक हथियारों से जुड़ी दूसरी घोषणा की है। 

विध्वंसक हथियारों की तैनाती:

आस्ट्रिया की राजधानी विएना में 57 देश सदस्यीय देशों की आर्गनाइजेशन फार सिक्युरिटी एंड कोओपरेशन इन यूरोप (ओएससीई) की बैठक हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध से पैदा हुए तनाव के बीच यूरोपीय देशों और रूस के सांसद-अधिकारी साथ बैठे हैं। आस्ट्रिया ने विरोध की परवाह न करते हुए रूस को बैठक में आमंत्रित किया है। लेकिन इसमें यूक्रेन का दल बैठक में नहीं आया है। इसे रूसी उपस्थित का यूक्रेनी विरोध माना जा रहा है। रूस की उपस्थिति का विरोध करने वालों में ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे प्रभावशाली देश हैं। यह संगठन शीतयुद्ध काल के दौरान पूर्व और पश्चिम के देशों में वार्ता के लिए बनाया गया था। यह संगठन शांति, मानवाधिकार, शस्त्र नियंत्रण और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अप्रत्याशित यूक्रेन दौरे और उसके बाद पोलैंड में नाटो देशों के नेताओं के साथ बैठक से इससे स्पष्ट है कि 2023 में लड़ाई बढ़ने वाली है। पुतिन ने कहा, हम एक अन्य हाइपरसोनिक मिसाइल किंझल का उत्पादन भी बढ़ा रहे हैं। साथ ही समुद्र में जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल की तैनाती बढ़ा रहे हैं। यह मिसाइल युद्धपोत और पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली मिसाइल है। ये सभी मिसाइलें परमाणु हमला करने में सक्षम हैं।