उदय सिंह
ये दास्तां थोड़ी अजीब है। वर्ष 1960 में प्रदर्शित फिल्म दिल अपना और प्रीत पराई का गीत ...अजीब दास्तां है ये, नहीं बल्कि चार्ल्स हूपर द्वारा निर्मित एक शतरंज खेलने वाली "ऑटोमेटन" मशीन "अजीब" की दास्तां है। जिसे 1865 में ब्रिस्टल कैबिनेट निर्माता चार्ल्स हूपर ने बनाया था। दुनिया के अनेक महान शतरंज और चेकर्स मास्टर्स ने इसका संचालन किया। अजीब आकार में 10 फीट ऊंचा था। सबसे पहले 1868 में लंदन के रॉयल पॉलिटेक्निकल इंस्टीट्यूट में इसको प्रदर्शित किया गया था। 1868 और 1876 के बीच क्रिस्टल पैलेस में रखा गया। इसके बाद 1877 तक वेस्टमिंस्टर के आकर्षक रॉयल एक्वेरियम की शोभा बढ़ाया। बहुत जल्द ही यूरोप में इसकी मकबूलियत फैल गई और जर्मनी की राजधानी बर्लिन तक पहुंची गई, जहां सिर्फ तीन महीने के अंदर ही एक लाख से अधिक लोगों ने इसका दीदार किया।
अजीब नाम अरबी शब्द से लिया गया है। जिसका अर्थ है "अद्भुत"। यह सचमुच अद्भुत था। अजीब के ऑपरेटरों में एक शतरंज और चेकर्स मास्टर्स कॉन्स्टेंट फर्डिनेंड ब्यूरिल थे। 1885 में जब अजीब न्यूयॉर्क आया तो वह भी इसके ऑपरेटर थे। ब्यूरिल पेरिस में जन्मे अमेरिकी शतरंज मास्टर थे। ऑपरेटर के रूप में उन्होंने शतरंज के 900 से अधिक खेल खेले, केवल 3 गेम हारे। इसके अलावा उन्होंने कभी भी एक भी चेकर गेम नहीं हारा। 1889 में न्यूयॉर्क शहर में 15वां स्थान प्राप्त किया (छठी अमेरिकी शतरंज कांग्रेस मिखाइल चिगोरिन और मैक्स वीस द्वारा जीती)। अमेरिकी चेकर्स चैंपियन चार्ल्स बार्कर ने भी अजीब पर काम किया और एक भी गेम नहीं हारे। अमेरिकी राष्ट्रपति भी अजीब के आकर्षण से बच नहीं पाए। 22वें और 24वें अमेरिकी राष्ट्रपति का पद को सुशोभित करने वाले स्टीफन ग्रोवर क्लीवलैंड ने भी अजीब को खेला।
अरबी में शतरंज का पहला उल्लेख 720 में अरबों के सबसे महान शास्त्रीय कवियों में शुमार अल-फ़राज़दक की रोमांटिक कविताओं में मिलता है। कहते हैं फ़ारसी चतरंग का अरबीकृत नाम शतरंज बन गया। खैर, शतरंज को छोड़िए, अजीब की बात करते हैं। एक बार प्रतिद्वंद्वी ने गेम हारने के बाद अजीब पर गोली चला दी और उसका ऑपरेटर घायल हो गया। जब अजीब को न्यूयॉर्क के ईडन म्यूसी में प्रदर्शित किया गया तो इसका काफी विरोध भी हुआ। विरोधियों में अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट भी शामिल थे। हंगरी मूल के अमेरिकी बाज़ीगर, स्टंट कलाकार और सनसनीखेज कारनामों के लिए प्रसिद्ध हॅरी हुडीनी, अमेरिकी लेखक विलियम सिडनी पोर्टर (ओ हेनरी) भी विराधियों में थे। 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी के शुरुआती दशकों की एक फ्रांसीसी मंच मशहूर अभिनेत्री सारा बर्नहार्ट को अजीब रास नहीं आया था उन्होंने भी इसका सार्वजनिक विरोध किया। इतने विरोध का सामना करते हुए आखिर 1929 में न्यूयॉर्क शहर के ब्रुकलिन नगर के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित कोनी द्वीप पर आग लगने से अजीब नष्ट हो गया, और इतिहास बन गया।
