Monday, 27 September 2021

ट्रेड वार में बिटकॉइन का तड़का

उदय सिंह

तकनीकी ज्ञान में माहिर मेरे एक शुभचिंतक हैं। करीब पांच साल पहले उन्होंने मुझे वस्तु विनिमय की सबसे नवीन प्रणाली वर्चुअल मुद्रा बिटकॉइन की असीम स्वीकार्यता, महत्व और उपयोगिता के बारे में समझाने का प्रयास किया था। बड़े सहज भाव से बताया कि यह एक वर्चुअल यानी आभासी मुद्रा है। रुपया, डॉलर और दीनार की तरह इसका कोई भौतिक स्वरूप नहीं है, यह एक डिजिटल करेंसी है। इससे आप कुछ भी खरीद सकते हैं। इसके अंदर विश्व की इकोनॉमी प्रभावित करने की क्षमता है। भविष्य में दुनिया के लगभग सभी देश क्रिप्टो मुद्रा में ही व्यापार करेंगे। हालांकि तब मैं उनसे सहमत नहीं था। 

अभी दो दिन पहले ही चीन ने कहा है बिटकॉइन का उपयोग करने वाले लेनदेन सहित सभी क्रिप्टो मुद्रा लेनदेन को अवैध माना जाएगा। यह बयान चीन के केंद्रीय बैंक ने जारी किया है, कि देश चीनी अर्थव्यवस्था में सभी क्रिप्टो-मुद्रा लेनदेन को अवैध मानता है। पिछले कुछ सालों से अमेरिका-चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार का दुनिया के कई देशों पर असर है। अब बिटकॉइन पर चीन की यह घोषणा आग में घी डालने जैसा साबित हो सकता है। चीन के इस कदम का मतलब है कि क्रिप्टो-मुद्रा का उपयोग करके चीन में वस्तु और सेवाओं को खरीदा या बेचा नहीं जा सकता है।

  अमेरिका और चीन में व्यापार युद्ध से ज्यादा क्षेत्राधिकार के वर्चस्व की लड़ाई हो गई है। अफ्रीका, एशिया और खड़ी देशों में चीन का बढ़ता प्रभाव अमेरिका को उलझन में डाल दिया है। ताइवान, हांकांग, मकाउ, तिब्बत और मंगोलया के कुछ हिस्सों को चीन नक्शे में अपना क्षेत्र बताता है। भारत और रूस जैसे देशों के साथा सीमा विवाद जगजाहिर है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की उत्पत्ति केंद्र को लेकर दोनों देशों में खटास और बढ़ी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो कोरोना को चीनी वायरस नाम दे दिया था। दरअसल चीन-अमेरिका ट्रेड वार डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में अधिक व्यापक हुआ। अमेरिका ने चीन से 70 फीसदी इम्पोर्ट पर एडिशनल टैरिफ लगा रखा है। इसके विरोध में चीन ने भी अपने यहां एडिशनल टैरिफ लगाया है। बिटकॉइन मुद्रा से अमेरिकी इकोनॉमी का सीधे तौर पर कोई खास सरोकार नहीं है, फिर भी इस मुद्रा का प्रचलन और लेनदेन सबसे अधिक अमेरिका में ही होता है। वर्तमान में ऐसे कई देश हैं जहां बिटकॉइन में लेन देन को वैध माना जाता है। सैकड़ों वेबसाइट कंपनियां हैं जो बिटकॉइन को स्वीकार कर रही हैं। हवाई जहाज का टिकट, होटल में ठहरना और अन्य चीज के लिए भी भुगतान कर सकते हैं। भारत में करीब एक दशक पहले एक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बिटकॉइन जैसी वर्चुअल मुद्राओं के संबंध में कहा था कि इन मुद्राओं से लेन-देन करने में अनेक जोखिम है, लेकिन आज यहां भी हजारों लोग ऐसी मुद्राओं को अच्छी कीमत देकर खरीद और बेच रहे हैं। 

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